कहाँ जा रहा है, रुक जा ज़रा , थम जा ज़रा.
यह समां न रहेगा हमेशा, यह बातें न रहेंगी हमेशा.

भागते भागते पीछे छूट गए सब लोग, पीछे छूट गयी वह गलियां,
जहाँ था तेरा बसेरा, जहाँ थे दोस्त और सखियाँ.

यह समय है जो साथ तेरा कभी देगा नहीं,
तू कितना भी भाग ले, समय से आगे भाग पायेगा नहीं.

कहाँ जा रहा है, रुक जा ज़रा, थम जा ज़रा,
थोड़ी देर बैठो अपनों के साथ, थोड़ा वक़्त तो बिता लो.

सामने होते हुए भी तुम यहां नहीं हो,
हम मिलते हैं, बातें करते हैं पर बातों में तुम नहीं हो.

यह नज़ारे कल हो न हो, यह बहारें कल हो न हो,
जी ले ज़रा, हँस ले ज़रा, यह ज़िन्दगी कल हो न हो !

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